‘सेंटर फॉर द एनवॉयर्मेंट एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ (CESDI) ने मई 1999 से लेकर मई 2000 के बीच में देश के विभिन्न हिस्सों में Earth Charter से सम्बन्धित कई विचार सभाओं का आयोजन किया। इसने अपने न्यूज़लेटर का एक विशेषांक भी प्रकाशित किया जो Earth Charter पर केन्द्रित था।
|
|
|
दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसायटी (DPSS) ने बच्चों को दीर्घकालिकता के सिद्धांतों के प्रति जागरूक करने के लिए Earth Charter का प्रयोग किया।
अप्रैल 2007 में CLEAN-India (डेवलपमेंट ऑल्टरनेटिव्स का कार्यक्रम) तथा दिल्ली की आदरणीय मुख्यमंत्री ने “Earth Charter for Delhi Schools Project” की शुरुआत की। इस प्रकार, नई दिल्ली अपने अंतर्गत आने वाले स्कूलों के पाठ्यक्रम में Earth Charter को शामिल करने वाला देश का पहला शहर बना। भारतीय स्कूलों के लिए किताबें तथा शिक्षा की अन्य सामग्रियाँ Earth Charter के साथ तैयार की गई हैं।
वर्ष 2007 में ‘सेंटर फॉर एनवॉयर्मेंट एजुकेशन’ (CEE) तथा यूनेस्को ने पर्यावरण शिक्षा पर अहमदाबाद में चौथे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। Earth Charter सचिवालय द्वारा इस सम्मेलन में विभिन्न गतिविधियाँ की गईं। Earth Charter को इस सम्मेलन की अंतिम घोषणा में शामिल किया गया।
CEE का ‘यूथ एनवॉयर्मेंट नेटवर्क’ (YEN) Earth Charter के ‘यूथ इनिशिएटिव डिवीज़न’ के साथ मिलकर काम कर रहा है। CEE की अपर्णा को ‘Earth Charter यूथ लीडर’ के तौर नामांकित किया गया है। CEE की अधिकांश गतिविधियाँ ECI के उद्देश्यों व मिशन से सहमत व सम्बन्धित हैं।
दिसम्बर 2005 और नवम्बर 2008 के बीच ‘पीपल्स कमीशन ऑन एनवॉयर्मेंट एंड डेवलपमेंट इंडिया’ (Earth Charter की सहयोगी संस्था) ने अपने सामाजिक जागरूकता अभियानों को ECI के सिद्धांतों (विशेष रूप से पारिस्थितिक अखंडता से सम्बन्धित) पर केन्द्रित किया। इस अभियान को ‘पीपल्स कमीशन ऑन एनवॉयर्मेंट एंड डेवलपमेंट इंडिया’ ने अपने सहयोगी एनजीओ द्वारा अपने ‘माउंटेन लेक्स रीहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट’ की फील्ड गतिविधियों के एक भाग के तौर पर श्रीनगर, नौकुचियतल और कोड़ाईकनाल में चलाया था।
अप्रैल 2009 में दिल्ली के ग्रेटर कैलाश पार्ट वन इलाके के लोगों ने ‘कॉम्पैशनेट लिविंग सोसायटी’ का निर्माण किया है और साथ ही वे डेवलपमेंट ऑल्टरनेटिव्स के Earth Charter Group में भी शामिल हुए हैं।
