Earth Charter आधारभूत नैतिक सिद्धांतों का एक घोषणा पत्र है जिसका निर्माण 21वीं सदी में एक न्यायसंगत, चिरस्थाई और शांतिपूर्ण विश्व की स्थापना के लिए किया गया है। यह लोगों के भीतर मानव परिवार, पृथ्वी पर उपस्थित सभी प्रकार के जीवन और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नई प्रकार की वैश्विक अन्योन्याश्रितता (global interindependence) तथा साझा उत्तरदायित्व (shared responsibility) की भावना को विकसित करने का प्रयास करता है।
Earth Charter चिरस्थाई जीवन और मानव के चिरस्थाई विकास पर केन्द्रित है जिसका एक प्रमुख विषय पारिस्थितिक अखंडता (ecological integrity) है। हालाँकि, Earth Charter यह जानता है कि पारिस्थितिक सुरक्षा (ecological protection) , गरीबी निवारण, न्यायोचित आर्थिक विकास, मानव अधिकारों के प्रति सम्मान, लोकतंत्र और शांति इन सभी के लक्ष्य अन्योन्याश्रित व अविभाज्य हैं। अत:, यह एक चिरस्थाई व सुरक्षित भविष्य के लिए एक नए प्रकार का नैतिक निर्देश उपलब्ध कराता है।
Earth Charter सामूहिक लक्ष्यों व मूल्यों पर पूरे विश्व भर की विविध संस्कृतियों के बीच दशकों तक हुए संवाद का सुपरिणाम है। Earth Charter प्रोजेक्ट की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र ने की थी परंतु इसे आगे बढ़ाया विश्व भर के नागरिक समाज ने। Earth Charter को सन 2000 में अंतिम रूप देकर लोगों के चार्टर के रूप में पेश किया गया। यह कार्य Earth Charter परिषद द्वारा किया गया जो कि एक स्वतंत्र, अंतर्राष्ट्रीय इकाई है।
Earth Charter की रचना प्रक्रिया भागीदारी से परिपूर्ण व अपने आप में समग्र है। यह प्रक्रिया एक नैतिक निर्देशक के तौर पर इसकी वैधता (legitimacy) का मुख्य स्त्रोत (primary source) है। इस डॉक्यूमेंट की वैधता को 4,500 से अधिक सरकारी और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के समर्थन से और भी दृढ़ता प्राप्त हुई है।
कई अंतर्राष्ट्रीय वकीलों का मानना है कि Earth Charter एक सॉफ्ट लॉ डॉक्यूमेंट का स्थान प्राप्त कर रहा है। सॉफ्ट लॉ डॉक्यूमेंट (उदाहरण के लिए मानव अधिकारों का वैश्विक घोषणा पत्र) को समर्थन देने वाली राज्य सरकारें इन्हें नैतिक रूप से (कानूनी रूप से नहीं) अपनाती हैं और फिर ये सॉफ्ट लॉ डॉक्यूमेंट अक्सर हार्ड लॉ के विकास का एक आधार रूप ग्रहण कर लेते हैं।
एक ऐसे समय में जब हमारे सोचने और जीने के ढ़ंग में तत्काल परिवर्तन की आवश्यकता है, Earth Charter हमें हमारे मूल्यों की जाँच करने और एक बेहतर रास्ता चुनने को प्रेरित करता है। एक ऐसे समय में जब हमारी पृथ्वी की सुरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता बढ़ती जा रही है, Earth Charter हमें एक ऐसी साझा, सर्वमान्य वैश्विक नैतिकता को अपनाने को प्रोत्साहित करता है जिसने अपने-आप में हमारी विविधता को भी समेटा हुआ हो। एक ऐसा समय जब चिरस्थाई विकास के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक वस्तु बन गई है, Earth Charter हमें शिक्षा का एक मूल्यवान आधार उपलब्ध कराता है।
